बहुत ही बढ़िया है ,
sukriya dost bas itna hi kahe ge छुप छुप कर तेरी सारी तस्वीरेंदेखता हूँ।..बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है,पर चेहरे परवो मुस्कान नहीं,जो मैं लायाकरता था....!
हर गजल का प्यार से आगाज़ होना चाहिए, शेर कहने का यही अंदाज होना चाहिए। दोस्तों की दोस्ती पर नाज होना चाहिए, दुश्मनों से प्यार का आगाज हो...
बहुत ही बढ़िया है ,
ReplyDeletesukriya dost bas itna hi kahe ge
ReplyDeleteछुप छुप कर तेरी सारी तस्वीरेंदेखता हूँ।..बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है,पर चेहरे परवो मुस्कान नहीं,जो मैं लायाकरता था....!